कण्ठ-संरचना, साधना एवं चिकित्सा

सामान्यतया हम कण्ठ को गला अथवा गर्दन के रूप में जानते हैं। गायक सुरीला है अथवा कर्कश है, इत्यादि बातों के सम्बन्ध में हम गायक के गले को ही सम्बोधित करते हैं। किन्तु इन बातों का वास्तविक सम्बन्ध गले से नहीं अपितु कण्ठ से होता है। कण्ठ- कण्ठ गले में उपस्थित एक हड्डी को कहते […]

आधुनिक रोगों की चिकित्सा में संगीत की भूमिका

श्रीमद् भगवत् में स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने कहा है– नाहंवासमिबेकुण्ठे, योगिनांहृदय न च। मद् भदा यत्र गायन्ति, तत्र तिष्ठामिनारद।।         संगीत परमात्मा का निवास स्थान है। संगीत परमात्मा प्राप्ति का मोक्ष प्राप्ति का साधन है। डनेपब पे जीम उमकपबपदम व िइतवामद ीमंतज         आत्मा के लिए संगीत उसी प्रकार आवश्यक है, जिस प्रकार शरीर […]