नारी सशक्तीकरण

रश्मिउपाध्याय,शोध छात्रा भातखण्डेसम-विश्वविद्यालय, कैसरबाग, लखनऊ ‘‘नारी! तुमकेवल श्रद्धा होविश्वास-रजत-नगपगतलमें, पीयूष-स्रोतसीबहाकरो जीवन के सुन्दरसमतलमें।।’’ अन्त में , महिलाओं को समर्पित चन्द पंक्तियाँंः ‘‘परिन्दे रूक मत, तुझ में जान बाकी है, मंजिल दूर है, बहुत उड़ान बाकी है। आज या कल, मुट्ठी में होगी दुनियाँ, लक्ष्य पर अगर, तेरा ध्यान बाकी है। यूं ही नहीं मिलती रब […]

कण्ठ-संरचना, साधना एवं चिकित्सा

सामान्यतया हम कण्ठ को गला अथवा गर्दन के रूप में जानते हैं। गायक सुरीला है अथवा कर्कश है, इत्यादि बातों के सम्बन्ध में हम गायक के गले को ही सम्बोधित करते हैं। किन्तु इन बातों का वास्तविक सम्बन्ध गले से नहीं अपितु कण्ठ से होता है। कण्ठ- कण्ठ गले में उपस्थित एक हड्डी को कहते […]

आधुनिक रोगों की चिकित्सा में संगीत की भूमिका

श्रीमद् भगवत् में स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने कहा है– नाहंवासमिबेकुण्ठे, योगिनांहृदय न च। मद् भदा यत्र गायन्ति, तत्र तिष्ठामिनारद।।         संगीत परमात्मा का निवास स्थान है। संगीत परमात्मा प्राप्ति का मोक्ष प्राप्ति का साधन है। डनेपब पे जीम उमकपबपदम व िइतवामद ीमंतज         आत्मा के लिए संगीत उसी प्रकार आवश्यक है, जिस प्रकार शरीर […]